12 FEBRUARY 2017 HINDU PANCHANG -Astrologysupport.com

  1. Year: Durmukhi (1938) 8 September 2015 Panchang

Ayanam: Uttarayana

Ritu: Shishira

Week: Sunday

Month: Magha

Paksha: Krishna Paksha

Tithi: Dvitiiya 4:41 am+

Nakshatra: Magha 8:39 am

Yoga: Atiganda 8:44 pm

Karana: Taitila 4:48 pm, Garaja 4:41 am+

Varjya: 4:46 pm – 6:23 pm

Durmuhurth: 4:43 pm – 5:29 pm

Rahukal: 4:49 pm – 6:15 pm

Yamaganda: 12:30 pm – 1:56 pm

Amritakaal: 2:30 am+ – 4:07 am+

Gulika: 3:22 pm – 4:49 pm

Sunrise: 6:45 am

Sunset: 6:15 pm

Solar Zodiac: Kumbha 8:41 pm

Lunar Zodiac: Simha

Astrology Support
Mobile No:- +91 7891464004 , 8875270809
web : www.astrologysupport.com
Email Id :- help.astrologer@gmail.com

11 FEBRUARY 2017 HINDU PANCHANG – ASTROLOGYSUPPORT.COM

Year: Durmukhi (1938) 8 September 2015 Panchang

Ayanam: Uttarayana

Ritu: Shishira

Week: Saturday

Month: Magha

Paksha: Krishna Paksha

Tithi: Prathama 5:04 am+

Nakshatra: Aslesha 8:54 am

Yoga: Shobhana 10:23 pm

Karana: Balava 5:29 pm, Kaulava 5:04 am+

Varjya: 8:47 pm – 10:22 pm

Durmuhurth: 6:45 am – 7:31 am, 7:31 am – 8:17 am

Rahukal: 9:37 am – 11:04 am

Yamaganda: 1:56 pm – 3:22 pm

Amritakaal: 7:21 am – 8:54 am, 6:17 am+ – 7:52 am+

Gulika: 6:45 am – 8:11 am

Sunrise: 6:45 am

Sunset: 6:15 pm

Solar Zodiac: Makara

Lunar Zodiac: Simha 8:54 am

Astrology Support
Mobile No:- +91 7891464004 , 8875270809
web : www.astrologysupport.com
Email Id :- help.astrologer@gmail.com

ये नौ देवियाँ करती हैं नवग्रहों की शांति – astrologysupport.com

  1. पहले दिन अपने मंगल ग्रह की शांति के लिए नवदुर्गा में स्कन्दमाता के स्वरूप की पूजा करे !
  2. दूसरे दिन राहु ग्रह की शांति हेतु नवदुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप का पूजन करे !
  3. तीसरे दिन बृहस्पति ग्रह की शांति हेतु नवदुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजन-उपासना करे !
  4. चौथे दिन शनि ग्रह की शांति हेतु नवदुर्गा में कालरात्रि स्वरूप की पूजा करे !
  5. पाचवे दिन बुध ग्रह की शांति हेतु नवदुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा करे !
  6. छठे दिन केतु ग्रह की शांति हेतु नवदुर्गा के कूूष्मांडा स्वरूप की पूजा करे !
  7. सातवे दिन शुक्र ग्रह की शांति हेतु नवदुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा करे !
  8. आठवे के दिन सूर्य ग्रह की शांति हेतु शैलपुत्री स्वरूप की पूपूजा करे !
  9. नोवे के दिन चन्द्र ग्रह की शांति हेतु नवदुर्गा के चन्द्रघंटा स्वरूप की पूजा करे !

Astrology Support
Address :- Plot No. 9, Shyam Nagar ,Jaipur,Rajasthan
Mobile No:- +91 7891464004 , 8875270809
web : http://www.astrologysupport.com
Email Id :- help.astrologer@gmail.com

क्या आप जानते है शुभ और मंगलमयी होते हैं पंचमुखी गणेश – Astrologysupport.com

downloadपांच मुख वाले गजानन को पंचमुखी गणेश कहा जाता है। पंच का अर्थ है पांच। मुखी का मतलब है मुंह। ये पांच पांच कोश के भी प्रतीक हैं। वेद में सृष्टि की उत्पत्ति, विकास, विध्वंस और आत्मा की गति को पंचकोश के माध्यम से समझाया गया है। इन पंचकोश को पांच तरह का शरीर कहा गया है। 

पहला कोश है अन्नमय कोश-संपूर्ण जड़ जगत जैसे धरती, तारे, ग्रह, नक्षत्र आदि; ये सब अन्नमय कोश कहलाता है। 
दूसरा कोश है प्राणमय कोश-जड़ में प्राण आने से वायु तत्व धीरे-धीरे जागता है और उससे कई तरह के जीव प्रकट होते हैं। यही प्राणमय कोश कहलाता है। 
 तीसरा कोश है मनोमय कोश-प्राणियों में मन जाग्रत होता है और जिनमें मन अधिक जागता है वही मनुष्य बनता है। 
चौथा कोश है विज्ञानमय कोश-सांसारिक माया भ्रम का ज्ञान जिसे प्राप्त हो। सत्य के मार्ग चलने वाली बोधि विज्ञानमय कोश में होता है। यह विवेकी मनुष्य को तभी अनुभूत होता है जब वह बुद्धि के पार जाता है। 
पांचवां कोश है आनंदमय कोश-ऐसा कहा जाता है कि इस कोश का ज्ञान प्राप्त करने के बाद मानव समाधि युक्त अतिमानव हो जाता है। मनुष्यों में शक्ति होती है भगवान बनने की और इस कोश का ज्ञान प्राप्त कर वह सिद्ध पुरुष होता है। जो मानव इन पांचों कोशों से मुक्त होता है, उनको मुक्त माना जाता है और वह ब्रह्मलीन हो जाता है। गणेश जी के पांच मुख सृष्टि के इन्हीं पांच रूपों के प्रतीक हैं।
Astrology support
Helpline : +91 8875270809, 7891464004
Email : help.astrologer@gmail.com
Web : http://www.astrologysupport.com

3 SEPTEMBER 2016 HINDU PANCHANG & ASTROLOGY @8875270809

AAJ KA HINDU PANCHANG 

Year: Durmukhi (1938)

Ayanam: Dakshinayana

Ritu: Sharad

Week: Saturday

Month: Bhadra

Paksha: Shukla Paksha

Tithi: Dvitiiya 5:00 pm

Nakshatra: U.Phalguni 2:27 pm

Yoga: Sadhya 7:25 am

Karana: Kaulava 5:00 pm, Taitila 5:54 am+

Varjya: 11:42 pm – 1:28 am+

Durmuhurth: 6:03 am – 6:53 am, 6:53 am – 7:42 am

Rahukal: 9:09 am – 10:42 am

Yamaganda: 1:48 pm – 3:21 pm

Amritakaal: 6:38 am – 8:22 am

Gulika: 6:03 am – 7:36 am

Sunrise: 6:03 am

Sunset: 6:26 pm

Solar Zodiac: Simha

Lunar Zodiac: Kanya

Astrology support
Helpline : +91 8875270809, 7891464004
Email : help.astrologer@gmail.com
Web : www.astrologysupport.com

27 AUGUST 2016 Hindu Panchang & Astrology by Astrologysupport.com

Aaj ka hindu panchang 27 AUGUST 2016

Year: Durmukhi (1938) 8 September 2015 Panchang

Ayanam: Dakshinayana

Ritu: Sharad

Week: Saturday

Month: Shravana

Paksha: Krishna Paksha

Tithi: Dashami 4:37 pm

Nakshatra: Mrigashirsha 9:55 am

Yoga: Vajra 2:57 pm

Karana: Vishti/Bhadra 4:37 pm, Bava 3:57 am+

Varjya: 6:06 pm – 7:39 pm

Durmuhurth: 6:02 am – 6:52 am, 6:52 am – 7:42 am

Rahukal: 9:09 am – 10:43 am

Yamaganda: 1:51 pm – 3:24 pm

Amritakaal: 11:33 pm – 1:07 am+

Gulika: 6:02 am – 7:36 am

Sunrise: 6:02 am

Sunset: 6:32 pm

Solar Zodiac: Simha

Lunar Zodiac: Mithuna

Astrology support
Helpline : +91 8875270809, 7891464004
Email : help.astrologer@gmail.com
Web : www.astrologysupport.com

अगर धन की प्राप्ति करनी हैं करें ये सरल उपाय @8875270809

(1) माता लक्ष्मी जी के मंत्र का जप आप बुधवार या शुक्रवार से शुरू करें सकते हैं और  रोजाना १०८ बार जाप करें।
(2) अपने से बड़े व्यक्तियों का सम्मान करें। और छोटो से प्रेम करे। घर-परिवार में सबसे प्रेम-व्यवहार करें।
(3) सुबह जल्दी उठकर घर की सफाई करनी  तथा स्नान करने के बाद  पूजन-जप करके दिन की शुरुआत करें। क्योकि जहां पर लोग सूर्योदय तथा सूर्यास्त के समय सोते हैं, वहां धन नहीं आता।
(4) गाय-कुत्ता, भिखारी को इच्छा अनुसार खाना  दें। और न दे सकें तो उनका अपमान न करे
(5) घर में कभी भी कूड़ा-करकट, जमा न होने दें। समय-समय पर सफाई करें।
(6) संध्या के बाद घर मैं  झाड़ू-बुहारी न करें। यदि करें तो कचरा घर के बाहर न फेंकें।

Astrology support
Helpline : +91 8875270809, 7891464004
Email      : help.astrologer@gmail.com
Web        : www.astrologysupport.com